- पूरे क्षेत्र में रेड सेफ्टी क्लबों का गठन किया जाएगा

- 15 जनवरी को सीजीसी लांडरां में हाेगी वॉकथॉन

- लेन के चालान अगले हफ्ते से होंगे शुरू

चंडीगढ़. जब हम बदलेंगे ताे देश बदलेगा, हमें राेड पर चलते हुए, ड्राइव करते हुए अपने अाप काे बदलना है, नियमाें की पालना करनी है, ताकि हमें देखकर लाेग बदलें, देश बदले।

क्याेंकि करोड़ों भारतीय हर रोज सड़कों पर चलते हैं और उनमें से 415 लोग कभी भी घर वापस नहीं आते हैं। सड़कों पर होने वाली मौतें हमारे देश में अप्राकृतिक मौतों का सबसे बड़ा कारण हैं। सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा’, में विश्वास करने वाले एनजीओ ड्राइव स्मार्ट ड्राइव सेफ ने प्रेस वार्ता आयोजित की।

इसमें अभियान के सहभागी रामा शंकर पांडेय ने बताया कि सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (एसआईएएम) और सीआईआई व कई अन्य इस तरह की सोच वाले संगठनों के साथ मिल कर एक नया अभियान इंडिया अगेंस्ट रोड क्रैश हैशटैग आईएआरसी 2020 की शुरुआत कल से हो रही है। इस अभियान को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा घोषित 31वें राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान आयोजित किया जा रहा है।

क्लबाें काे हाेगा गठन: अभियान का उद्देश्य एक स्थायी श्रृंखला शुरू करना है, जो न केवल लोगों को जागरूक करेगा और सड़कों पर उनके व्यवहार को बदल देगा, बल्कि यह विभिन्न स्थानों पर कॉर्पोरेट्स, संस्थानों और संगठनों के बीच सड़क सुरक्षा क्लबों का गठन करेगा। अभियान का उद्देश्य लोगों को आत्म-बदलाव और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के प्रति एजुकेट करना है।

कल से शुरू हो रहा है अभियान: रामा शंकर पांडेय, एमडी-हेला इंडिया लाइटिंग लिमिटेड ने बताया कि यह अभियान 11 जनवरी से शुरू हो रहा है, जो कि सड़क सुरक्षा सप्ताह के तहत वाघा बॉर्डर से सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा घोषित किया गया है। यहां 50 हजार लोग एक साथ सड़क सुरक्षा की शपथ लेंगे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा। वहीं, देश भर में 70 से अधिक स्थानों पर देश भर से लाखों लोगों के इस अभियान में शामिल होने की उम्मीद है। एनजीओ का उद्देश्य लोगों को सड़क सुरक्षा पर शिक्षित करना है और भारतीय सड़कों पर सड़क दुर्घटनाओं और मौतों को कम करना है। यह उन स्थितियों के घटने की संख्या को कम करने का इरादा रखता है जो खराब दृश्यता, चालक की लापरवाही और थकान, सुरक्षा मानकों की लापरवाही, नशे में ड्राइविंग, तेजी आदि जैसी सड़कों पर घातक योगदान करते हैं।

हम अपने सिर पर वेपन लेकर चलते हैं : जसविंदर सिंह डीएसपी ने कहा कि जब हम टू व्हीलर चलाते वक्त घटिया हेलमेट अपने सिर की सेफ्टी के लिए नहीं बल्कि चालान से बचने के लिए डाल कर चलते हैं ताे हम अपने सिर पर एक वेपन लेकर चल रहे हैं। क्याेंकि इस हेल्मेट से अापका सिर नहीं बचेगा। अगर हेल्मेट सही कंपनी का है, अाैर उसका स्ट्रेप सही ढंग से बंधा हुअा है, हेलमेट अापके सिर के मुताबिक सही तरीके से फीट है ताे ही दुघर्टना के समय अापका सिर सुरक्षित है। उन्हाेनें बताया कि लेन सिस्टम पर अब सख्ती शुरू हाे जाएगी, अगले हफ्ते से लेन ड्राइविंग के भी चालान कटने शुरू हाे जाएेंगे ।